सिलीगुड़ी, 12 दिसंबर (सिलीगुड़ी क्रॉनिकल) – सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में एक डॉक्टर द्वारा मरीज को थप्पड़ मारने के आरोप ने अस्पताल परिसर में आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना गुरुवार को हुई, जब मौ मंडल सांस लेने में तकलीफ़ की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचीं।
परिवार का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने मौ की स्थिति को गंभीर नहीं माना और उन्हें घर जाने की सलाह दे दी। अस्पताल से बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद उनकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल वापस लाए, जहां उन्हें ऑब्ज़र्वेशन वार्ड में भर्ती किया गया।
मौ के परिजनों ने आरोप लगाया कि उपचार के दौरान डॉक्टर ने उनके साथ मारपीट की और चिकित्सकीय देखभाल के नाम पर अमानवीय व्यवहार किया। इस आरोप के बाद मरीज के रिश्तेदारों ने अस्पताल के भीतर ही विरोध प्रदर्शन किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाद में सिलीगुड़ी पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
परिवार का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभालने वाले डॉक्टर का ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। वहीं, आरोपी डॉक्टर ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन्होंने किसी तरह का थप्पड़ नहीं मारा तथा मरीज की स्थिति गंभीर नहीं थी।
उन्होंने आगे दावा किया कि मौ को मनोवैज्ञानिक समस्याएं थीं और पानी देना या उन्हें चलने-फिरने के लिए कहना जैसी बातें सामान्य चिकित्सा प्रक्रिया या “लाइन ऑफ़ ट्रीटमेंट” का हिस्सा थीं। अस्पताल प्रशासन और सिलीगुड़ी पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने कहा है कि यदि जांच में डॉक्टर की किसी भी तरह की गड़बड़ी साबित होती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

